स्वच्छ भारत मिशन की तरफ से आई गाइडलाइन के अनुसार कोई भी शहर की स्वच्छता में बाधा बनता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।

स्वच्छ भारत मिशन की तरफ से आई गाइडलाइन के अनुसार कोई भी शहर की स्वच्छता में बाधा बनता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।
 

स्वच्छ भारत मिशन की तरफ से आई गाइडलाइन के अनुसार कोई भी शहर की स्वच्छता में बाधा बनता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसमें खासकर वह हैं जो पान, गुटखा खाकर थूककर शहर की सुंदरता को खराब कर रहे हैं। इसके लिए 4 मार्च से नगर निगम अभियान शुरू करेगा। हालांकि, इससे पहले लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो 250 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।

नगर निगम खुले में शौच करने पर भी जुर्माना लगाएगा। निगम का कहना है कि जगह-जगह सुलभ शौचालय बनाए गए हैं, इसके बाद भी लोग इसका इस्तेमाल न करके खुले में शौच करते हैं। इससे गंदगी फैलती है साथ ही दूसरे भी ऐसा करने के लिए प्रेरित होते हैं। वहीं, सड़क और सार्वजनिक स्थलों को पान, गुटखा खाकर थूकने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। उन्हें समझना होगा कि शहर की सुंदरता बनाए रखने में सबको साथ देना होगा।

सड़क पर मलबा फेंकने वालों पर नगर निगम दो हजार रुपए जुर्माना लगाएगा। स्वच्छ भारत अभियान के राज्य मिशन निदेशक ने छह लाख से ज्यादा आबादी वाले महानगरों में 4 मार्च से 31 मार्च तक जुर्माना की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कूड़ा फेंकने, कूड़े को अलग कर सफाईकर्मी को न देने वालों पर भी दो सौ रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। पेड़ों की छाल, टहनियां सड़क पर फेंकने वालों पर दो सौ रुपये, मांस फेंकने वालों पर 750 रुपए, एक बार में ज्यादा कूड़ा फेंकने वालों पर एक हजार रुपए प्रति सप्ताह जुर्माना लगाया जाएगा।

नगरपालिका और नगर पंचायतों में भी जुर्माना लगाया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी और सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणिभूषण तिवारी ने बताया, शहर में पान, गुटखा खाकर थूकने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अगले महीने से मिस्टर पीकू के खिताब से भी नवाजा जाएगा। इसके पहले सभी को जागरूक किया जाएगा कि गंदगी ने फैलाएं, अगर सुधार नहीं आता है तो जुर्माना की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

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