रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जायेगा

रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जायेगा
 
रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जायेगा

 आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में आज इंदौर में आर्मड व्हीकल्स निगम लिमिटेड और एमपीआईडीसी द्वारा इन्दौर में संयुक्त रूप से वेंडर डेव्हलपमेन्ट कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में संपन्न इस कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्र के विक्रेताओं ने भाग लिया।

            इस कॉन्क्लेव में चीफ जनरल मैनेजर व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर श्री संजीव कुमार भोलाडायरेक्टर फाइनेंस आर्मड व्हीकल्स निगम लिमिटेड श्री सी.रामचन्द्रन्हैवी व्हीकल फैक्ट्री अवाडी के श्री के. वासुऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेढक

के श्री नितिन चौरसियाएमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश राठौरमशीन टूल प्रोटोटाइप फैक्ट्री के श्री संदीप कुमारइंजन फैक्ट्री अवाडी के श्री प्रसन्नकुमारव्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के श्री वेदांत दरबारीडायरेक्टर ऑफ इण्डीजनाईजेशन के कर्नल अमित अवस्थीकर्नल मुनीष गोयलएमआईडीसी के श्री प्रतुल सिन्हा तथा व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के जनरल मैनेजर श्री आशुतोष कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम में रक्षा क्षेत्र के वाहन निर्माण तथा अन्य उत्पादनों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में श्री वेदांत दरबारी ने व्हीकल फैक्ट्री के उत्पादों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र के वेंडर इन उत्पादों से किस तरह से जुड़ सकते हैं। हेवी व्हीकल फैक्ट्री अवाडी के श्री के.वासू ने रक्षा उत्पादों में सहभागीता बढ़ाये जाने के संबंध में जानकारी दी। कर्नल अमित अवस्थी ने बताया कि रक्षा उत्पाद के उत्पादन में देश में ही निर्माण किया जाना चाहिए। इस सेक्टर से निजी क्षेत्र के ऑटोमोबाइल के वेंडर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम को श्री नितिन चौरसियाश्री संदीप कुमार तथा श्री प्रसन्न कुमार ने भी संबोधित किया।

            कार्यक्रम में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश राठौर ने बताया कि रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयास किये जा रहे हैं। यह कॉन्क्लेव इसी का एक हिस्सा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से रक्षा सेक्टर और निजी क्षेत्र के भागीदारों के बीच सामंजस्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेना के वाहन पहले सैन्य क्षेत्र में ही बनाए जाते थे लेकिन अब निजी क्षेत्र के लिए भी यह सेक्टर खोला जा रहा है। यह आयोजन इस संबंध में मददगार होगा। आयुध फैक्ट्री/इकाईयों से उत्पादनकर्ता रक्षा उत्पादन के क्षेत्र से जुड़े हुए वाहनबीएमपी टैंकआर्मड केरियर्स व उनके पुरजे की आवश्यकता की पूर्ति कर सकते हैं। इसी के साथ  अन्य नए वाहनों की बनावट व निर्माण भी हो रहे हैं। हम अपने वेन्डर से आव्हान करते है कि नए उत्पादों में भी सहयोग करें। आभार प्रदर्शन व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के श्री आशुतोष ने किया।

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